End
I have tried to translate my Hindi prose मुक्तछंद to English हर चीज़ का एक आख़िरी वक़्त होता है लेकिन तब हमें इसका एहसास नही होता वो आख़िरी बार जब तुम्हारी आवाज़ सुनी एक पुकार जो खामोशी में खो गई। आख़िरी बार जब हमने हँसते हँसते वक्त बिताया जिसकी गूँज अब धुंधली और नाज़ुक है आख़िरी बार जब तुम्हारा हाथ थामा बिना जाने कि अब वो कभी थामने को न मिलेगा अजीब है... कैसे अंत ख़ामोश रहता है कभी अपने आने की खबर नहीं देता वो बस खड़ा रहता है, दरवाजे के कोने में, चुपचाप, अनदेखा। वो इंतज़ार करता है तुम्हारे देखने का तब तक, जब तक दर्द गहराई में ना बस जाए फिर वो आख़िरी लम्हा बन जाता है याद और मायूस दिल सोचता है ,"काश ऐसा न होता..." There is a last time for everything, Though we didn’t know it then. The last time your voice reached me, A call lost in the endless hum. The last time your laughter filled the air Its echoes now faded, fragile The last time I held your hand Unaware it would slip away forever. Funny, how the end stays silent Never announcing its arrival It stands there, lurking in a ...